
आदिवासी समाज के विरोध के बाद 5 घंटे चला हंगामा, प्रशासन ने कब्र खोदकर शव निकाला
धमतरी। जिले के दुगली थाना क्षेत्र के मुनाईकेरा गांव से एक बड़ी और संवेदनशील घटना सामने आई है। धर्मांतरित व्यक्ति के शव को गांव में दफनाने को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया। आक्रोशित आदिवासी समाज और ग्रामीणों के विरोध के चलते हालात तनावपूर्ण हो गए, जिसके बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा प्रशासन और पुलिस बल
जानकारी के अनुसार, मृतक जलसिह नेताम, जिसने करीब 15 वर्ष पूर्व ईसाई धर्म अपनाया था, की मृत्यु के बाद परिजनों ने शव को अपनी निजी बाड़ी में दफना दिया। जैसे ही यह सूचना गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण और आदिवासी समाज के लोग मौके पर पहुंच गए और इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया।
स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम, तहसीलदार और भारी पुलिस बल गांव पहुंचे, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ता गया।
पांच घंटे बाद प्रशासन का सख्त फैसला
लगभग पांच घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ा कदम उठाया। प्रशासन के निर्देश पर कब्र को खुदवाकर शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद निर्णय लिया गया कि शव को धमतरी में विधिवत दफनाया जाएगा, ताकि गांव में शांति व्यवस्था बनी रहे।
गांव में तनाव, पुलिस तैनात
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।




